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Showing posts from October, 2025

हमारी बातों में उनका गौर नजर आए

हमारी बातों में उनका गौर नजर आए पर उनके दिल में कुछ और नजर आए।  यूँ तो ज़माने में ना उनसा कोइ,  पर पूनम की रात में बतौर नजर आए। फ़ूलों से सजी हुई कभी जुल्फे अपनी प्यारी देखो।  क्यूँ लगता तुम्हें नहीं तुम खूबसूरत, कभी खुद को नजरों से हमारी देखो।  चुराने लगें हैं नज़रे, एसा दौर नजर आए।   उनकी नजर ढूंढे ज़माने में लाखों फसाने, हमें उनके सिवा ना कुछ और नजर आए ।